चिरमिरी की खबर

देवेंद्र सिंह चंदेल भारत की आवाज

, चिरमिरी की खबर

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मोहर्रम ताज़िया जुलूस में हुए शामिल, चिरमिरी में भाईचारे और अकीदत की दिखी मिसाल
एमसीबी जिले के कोयलांचल क्षेत्र चिरमिरी में इस वर्ष भी मोहर्रम का पर्व पारंपरिक अकीदत, मातम और भाईचारे के साथ मनाया गया। दशकों पुरानी ताज़ियादारी की परंपरा के तहत हल्दीबाड़ी, बड़ी बाजार और पोड़ी क्षेत्र से पारंपरिक ताज़िया जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय सहित अन्य समाजों के लोग भी शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में “या हुसैन” और “हुसैनियत जिंदाबाद” की सदाएं गूंजती रहीं।
बताया जाता है कि चिरमिरी क्षेत्र में लगभग 72 वर्षों से मोहर्रम ताज़िया की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पारंपरिक तरीके से मातमी जुलूस निकाला गया, जो सर संगम चौक से होते हुए छोटी बाजार तक पहुंचा। जुलूस मार्ग में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ देखने को मिली तथा जगह-जगह शरबत, लंगर और भंडारे का वितरण किया गया।
मोहर्रम के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी कार्यक्रम में पहुंचे और ताज़िया जुलूस में शामिल होकर लोगों को मोहर्रम की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि चिरमिरी में वर्षों से मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक बनकर मनाया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय द्वारा बेहद अनुशासित एवं शांतिपूर्ण तरीके से ताज़िया जुलूस निकाला जाता है, जिसमें हिंदू समाज सहित सभी वर्गों के लोग बढ़-चढ़कर शामिल होते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि “चिरमिरी की यही पहचान है कि यहां हर धर्म और समाज के लोग एक-दूसरे के पर्व में सहभागी बनते हैं। मोहर्रम केवल मातम का पर्व नहीं बल्कि इंसानियत, त्याग और भाईचारे का संदेश देने वाला अवसर है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि चिरमिरी की सामाजिक एकता आज भी मजबूत है।”
मुस्लिम समुदाय कमेटी के सदस्यों ने बताया कि चिरमिरी में पिछले 72 वर्षों से मोहर्रम ताज़िया का पर्व मनाया जा रहा है। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में यह मातमी जुलूस निकाला जाता है। टीना दफाई, मोहन कॉलोनी और हीरागिरी क्षेत्र से ताज़िया निकाला जाता है। उन्होंने बताया that पूरे देश में मोहर्रम का पर्व मातम और अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। जगह-जगह जलसा, लंगर, शरबत और भंडारे का आयोजन किया जाता है। यह पर्व आपसी भाईचारे, अमन और इंसानियत का संदेश देता है। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी शांतिपूर्ण तरीके से ताज़िया जुलूस निकाला गया, जो बाजार क्षेत्र से होते हुए छोटी बाजार तक पहुंचा।
जुलूस के दौरान पारंपरिक ढोल-ताशों के साथ मातम किया गया। वहीं पोड़ी क्षेत्र में लाठी, तलवारबाजी एवं बानैती कला का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे तथा पुलिस बल पूरे समय मुस्तैद रहा। वक्फ बोर्ड की गाइडलाइन के तहत डीजे और तेज ध्वनि वाले संगीत पर पूर्ण प्रतिबंध रखा गया।
मोहर्रम आयोजन के दौरान पूरे शहर में शांति, सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की सुंदर मिसाल देखने को मिला

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे चिरमिरी ताजिया मोहर्रम में

हीरा गिर टीना दफाई मोहन कॉलोनी का ताजिया

ताजिया

 

मुस्लिम सामुदायिक के कमेटी के द्वारा बताया गया शेख स्माइल जी के द्वारा की 72 वर्ष से यह ताजिया मोहर्रम का पर्व बनाते आ रहे हैं और प्रतिवर्ष के भांति इस वर्ष भी बनाया जा रहा है जिसमें चिरमिरी में क्या पूरे देश में मोहर्रम ताजिया मातम का पर्व ताजिया बनाया निकाला जाता है पूरे देश में और आज यहां हल्दीबाड़ी में भी टीना दफाई मोहन कॉलोनी हीरा गिर का ताजिया एक साथ निकाला जा रहा है जो बाजार से होते हुए यह छोटी बाजार तक जाएगा और काफी बड़ी संख्या में यहां लोगों की भीड़ है जगह-जगह सरवत लंगर का.भी इंतजाम किया गया है और चिरमिरी पुलिस के द्वारा भी यहां पर व्यवस्थाएं पूरी ट्रैफिक व्यवस्थाएं संभाली गई है और जगह-जगह अच्छे इंतजाम किए गए हैं और शांति पूर्ण या ताजिया मोहर्रम निकाला जा रहा है और काफी बड़ी संख्या में यहां सभी भाईचारा हिंदू मुस्लिम और कई बड़ी संख्या में भीड़ देखने को मिल रही है और लगभग यहां जो एक भीड़ देखी जा रही है काफी बड़ी संख्या में प्रतिवर्ष के भांति इस वर्ष.भी भीड़ लोगों की देखने को मिल रही है बहुत अच्छा माहौल भी है यहां पर भीड़ के साथ और यह ताजिया मोहर्रम मातम का बनाया जा रहा है

समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें 7000 13 18 41

Related Articles

Back to top button