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MCB की ब्रेकिंग न्यूज़

देवेंद्र सिंह चंदेल भारत की आवाज

 

 

एमसी बीजिला

 

 

डेढ़ घंटे पहले जारी हुआ प्रेस आमंत्रण, आखिर क्या छिपाना चाहता है जिला प्रशासन?

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में एक बार फिर जिला जनसंपर्क कार्यालय (PIRO) की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष माननीय डॉ. किरणमयी नायक के जिला प्रवास एवं प्रेसवार्ता का आमंत्रण पत्र आज 24 जून 2026 को दोपहर 1:52 बजे मीडिया प्रतिनिधियों को जारी किया गया, जबकि कार्यक्रम का समय दोपहर 2:30 बजे निर्धारित था।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि पूरे एमसीबी जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के पत्रकार आखिर इतने कम समय में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, मनेन्द्रगढ़ कैसे पहुंच सकते थे? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या फिर जानबूझकर मीडिया की उपस्थिति सीमित करने का प्रयास?

पत्रकारों का कहना है कि इस तरह की अनियमितताएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं। जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा अक्सर महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की सूचना अंतिम समय में जारी की जाती रही है, जिससे जिले के कई पत्रकार कवरेज से वंचित रह जाते हैं। जबकि प्रशासनिक नियमों और मीडिया समन्वय की दृष्टि से ऐसे कार्यक्रमों की सूचना कम से कम 24 घंटे पहले जारी किया जाना आवश्यक माना जाता है।

आज आयोजित प्रेसवार्ता में महिला सुरक्षा, महिला अधिकार, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, आर्थिक एवं शारीरिक शोषण, महिला योजनाओं की स्थिति और हाल ही में सामने आए कई संवेदनशील मामलों को लेकर पत्रकारों के पास अनेक महत्वपूर्ण सवाल थे। लेकिन समय के अभाव के कारण जिले के अधिकांश पत्रकार कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाए और जनता से जुड़े गंभीर मुद्दे उठ ही नहीं सके।

हाल ही में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना कार्यक्रम में मंगलसूत्र की गुणवत्ता और कथित नकली सामग्री को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए थे। इसके अलावा महिलाओं के हितों और सुरक्षा से जुड़े कई अहम विषय लगातार चर्चा में हैं। यदि मीडिया को समय पर सूचना दी जाती तो पत्रकार इन विषयों पर महिला आयोग की अध्यक्ष से सीधे जवाब मांग सकते थे।

लोकतंत्र में मीडिया केवल समाचार प्रसारित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण स्तंभ है। ऐसे में यदि बार-बार अंतिम समय में प्रेस आमंत्रण जारी किए जाएंगे तो निष्पक्ष पत्रकारिता और जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाना प्रभावित होगा।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और जिला जनसंपर्क कार्यालय इस लगातार हो रही लापरवाही पर क्या स्पष्टीकरण देता है, या फिर यह मामला भी पूर्व की घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

पत्रकारों की उपस्थिति नहीं दिखी

प्रशासनिक महिला अधिकारियों के बीच महिलाओं के हित में आयोजित जनसुनवाई

 

 

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