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MCB की ब्रेकिंग न्यूज़

भारत की आवाज़ ब्रेकिंग न्यूज़
ब्यूरो चीफ: देवेंद्र सिंह चंदेल
चिरमिरी (एमसीबी)
​गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने नए कलेक्टर का किया स्वागत; चिरमिरी के सुलगते मुद्दों और आधार कार्ड के नाम पर जनता से ‘अवैध वसूली’ के बड़े खेल पर सौंपा तीखा ज्ञापन!
​चिरमिरी। गत दिवस मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले की नवागत कलेक्टर महोदया का गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर औपचारिक स्वागत किया। संगठन की ओर से जिला महासचिव व पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शेख…). शेख इस्माइल, प्रदेश प्रचार मंत्री शशि राज सिंह, जिला सोशल मीडिया प्रभारी चिंटू जैन, नगर महामंत्री भास्कर एवं चिरमिरी नगर महासचिव नंद कुमार आयाम ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर उनका अभिनंदन किया।
​स्वागत के तुरंत बाद ही संगठन ने चिरमिरी और पूरे जिले की बुनियादी समस्याओं, प्रशासनिक लेटलातीफी और जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर एक बेहद तीखा और विस्तृत मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा।
​प्रशासन की लापरवाही: नए जिले के गठन के 2 साल बाद भी जनता पर दोहरी मार, आधार कार्ड अपडेट के नाम पर लूट का बड़ा खेल!
​गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने ज्ञापन के जरिए नए जिले के गठन के बाद प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गोंगपा नेताओं और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब कोरिया जिले से अलग करके नए ‘एमसीबी’ जिले का गठन किया गया, तो यह शासन, जिला प्रशासन और नगर निगम की नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी थी कि वे क्षेत्र के नागरिकों के लिए विशेष और निःशुल्क कैंपों का आयोजन करते, ताकि सभी के आधार कार्ड में जिले का नाम स्वतः और आसानी से बदल जाता।
​2 साल बीते, पर 90% नागरिक आज भी ‘कागजों में’ पुराने जिले में!
जिले के गठन को दो साल बीत जाने के बाद भी लगभग 90% नागरिकों के आधार कार्ड में आज भी पुराना जिला ‘कोरिया’ ही दर्ज है। प्रशासन की इसी सुस्ती और लापरवाही का फायदा उठाकर अब च्वॉइस सेंटरों में आम जनता को लूटने का एक बड़ा खेल शुरू हो चुका है।
​नियम बनाम जमीनी हकीकत: ऑनलाइन माध्यम से शासन का निर्धारित शुल्क मात्र ₹70 के आसपास है।
​च्वॉइस सेंटरों की मनमानी: चिरमिरी शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के च्वॉइस सेंटरों में आम जनता से इस सुधार (जिले का नाम बदलने और केवाईसी) के नाम पर ₹130, ₹150 से लेकर ₹200 तक वसूले जा रहे हैं।
​ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरगर्दी: स्थिति इतनी बदतर है कि सुदूर ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में सीधे-साधे ग्रामीणों से ₹400 से ₹500 तक की मनमानी वसूली की जा रही है। जनता दफ्तरों और सेंटरों के चक्कर काट-काट कर परेशान है, जेबें ढीली हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। गोंगपा ने मांग की है कि सरकार और प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से भागने के बजाय तुरंत सरकारी खर्च पर निःशुल्क या निर्धारित शुल्क वाले कैंप लगाए, ताकि इस अवैध धंधे पर पूरी तरह रोक लग सके।
​चिरमिरी के इन सुलगते मुद्दों पर भी गोंगपा ने घेरा:
​तहसील बने 10 वर्ष बाद भी शासकीय दस्तावेजों में नाम गायब: चिरमिरी को तहसील बने लगभग 10 वर्ष का लंबा समय बीत चुका है। इसके बावजूद भी कई महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों और सरकारी पोर्टल्स में आज तक चिरमिरी का नाम सही ढंग से अंकित नहीं किया गया है, जो कि प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। संगठन ने इसमें तत्काल सुधार कर चिरमिरी को दस्तावेजों में दर्ज करने का सुझाव और शिकायत दर्ज कराई है।
​विकास कार्यों में भ्रष्टाचार व लेटलतीफी: नागपुर-चिरमिरी सड़क चौड़ीकरण कार्य में भारी गुणवत्ताहीन (घटिया) निर्माण की शिकायत की गई है। इसके साथ ही, साजा पहाड़ चैनपुर मार्ग के निर्माण में जानबूझकर की जा रही देरी और घटिया स्तर के काम को लेकर कड़ी नाराजगी जताई गई।
​बुनियादी सुविधाओं का संकट: शहर में आए दिन होने वाले भीषण जल संकट और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समस्या को तत्काल दूर करने की मांग की गई, जिससे नागरिक अंधेरे और प्यास से निजात पा सकें।
​अधिकारों की लड़ाई: नए परिसीमन में चिरमिरी के नाम से लोकसभा व विधानसभा क्षेत्र को सुरक्षित रखने तथा नए संभाग के गठन के दौरान संभागीय कार्यालय को चिरमिरी में ही प्रस्तावित करने की पुरजोर वकालत की गई।
​युवाओं को रोजगार: प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि चिरमिरी सहित पूरे एमसीबी जिले में बड़े स्तर पर स्थानीय स्तर रोजगार कैंप (रोजगार मेला) आयोजित किए जाएं, ताकि यहां के स्थानीय और बेरोजगार युवाओं को नए अवसर मिल सकें और पलायन रुक सके।
​कलेक्टर ने दिया त्वरित कार्रवाई का भरोसा
​नवागत कलेक्टर महोदया ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को बेहद गंभीरता और ध्यान से सुना। उन्होंने संगठन को आश्वस्त किया कि आधार कार्ड के नाम पर हो रही अवैध वसूली के मामले की जांच कराई जाएगी और जल्द ही इन सभी जनहित से जुड़े विषयों पर धरातल पर काम शुरू किया जाएगा, ताकि आम जनता को सीधे तौर पर इसका लाभ मिल सके।
​इस तीखे तेवर वाले ज्ञापन के बाद अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इन च्वॉइस सेंटरों पर क्या कार्रवाई करता है और चिरमिरी के विकास को कितनी रफ्तार मिलती है।
​’भारत की आवाज़ न्यूज़’ के लिए चिरमिरी से ब्यूरो चीफ देवेंद्र सिंह चंदेल की विशेष रिपोर्ट।

 

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