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एमसीबी जिला

चिरमिरी भारत की आवाज एक खबर सच की ओर देवेंद्र सिंह चंदेल

 

 

चिरमिरी फायर एरिया और गैस गोदाम के बीच मदिरा दुकान, हटाने की मांग तेज — सामाजिक और सुरक्षा दोनों खतरे

 

 

 

 

धार्मिक स्थलों के बीच संचालित दुकान पर विवाद, प्रशासन पर लापरवाही और दबाव के आरोप

 

 

 

 

एमसीबी जिला चिरमिरी के हल्दीबाड़ी वार्ड क्रमांक 12 में संचालित शासकीय देसी-विदेशी मदिरा दुकान को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। घनी आबादी, धार्मिक स्थलों और फायर एरिया के बीच स्थित इस दुकान को हटाने या स्थान परिवर्तन करने की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दुकान के आसपास गुरुद्वारा, काली मंदिर और भगवान शिव मंदिर स्थित हैं, जिससे यह मामला धार्मिक आस्था से भी जुड़ गया है। महिलाओं और परिवारों को यहां से गुजरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इसके साथ ही यह मुद्दा अब सामाजिक प्रभाव से भी जुड़ गया है। लोगों का कहना है कि शराब न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। शराब के कारण कई परिवार टूट रहे हैं, घरों में झगड़े बढ़ रहे हैं और बच्चों तक को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि शराब दुकानों को घनी आबादी और रहवासी क्षेत्रों से दूर, एकांत स्थान पर संचालित किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि शराब के आदी लोग दूर स्थान पर भी पहुंच जाते हैं, इसलिए ऐसी दुकानों का बीच बस्ती में होना पूरी तरह अनुचित है।

क्षेत्र का सबसे गंभीर पहलू यह है कि यह स्थान फायर एरिया में आता है, जहां से लगातार धुआं निकलता रहता है। इसके साथ ही पास में इंडियन गैस गोदाम भी स्थित है, जिससे संभावित हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।

स्थानीय निवासी धीरज श्रीवास्तव ने बताया कि आए दिन शराबियों द्वारा गाली-गलौज, मारपीट और हंगामा किया जाता है, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो गया है और महिलाओं का निकलना मुश्किल हो गया है।

पूर्व पार्षद राकेश पराशर, पार्षद शिवांश जैन, व्यापारी संघ एवं अन्य सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने भी कई बार इस दुकान के स्थान परिवर्तन की मांग की है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अन्य शराब दुकानों के लिए स्थान परिवर्तन हेतु आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं, लेकिन इस दुकान के मामले में प्रक्रिया को नजरअंदाज किया जा रहा है। यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि राजनीतिक दबाव या कथित कमीशन के चलते कार्रवाई नहीं हो रही।

वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते दुकान का स्थान परिवर्तन नहीं किया गया और कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की होगी।

शासकीय मदिरा दुकान के पास निकलता आग का धुआं

क्षतिग्रस्त शासकीय मदिरा दुकान

धार्मिक स्थल मंदिर

गुरुद्वारा

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