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MCB की खबर

देवेंद्र सिंह चंदेल

भारत की आवाज

लोकेशन : चिरमिरी–मनेन्द्रगढ़ मार्ग, एमसीबी जिला

43 करोड़ की सड़क निर्माण में सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, कई खतरनाक मोड़ों पर नहीं बनी रिटेनिंग वॉल, हादसे की आशंका

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। जिले के चिरमिरी–मनेन्द्रगढ़–चैनपुर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा लगभग 43 करोड़ रुपये की लागत से 17 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अब निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और विभागीय निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण में कई ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों की अनदेखी की गई है, जो भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं।

निर्माण स्थल का निरीक्षण करने पर कई स्थानों पर खतरनाक मोड़ों पर रिटेनिंग वॉल का निर्माण नहीं किया गया है, जबकि ऐसे स्थानों पर सड़क धंसने और वाहन अनियंत्रित होने का खतरा सबसे अधिक रहता है। कई जगह सड़क किनारे नाली (जल निकासी) की समुचित व्यवस्था नहीं बनाई गई, जिससे बरसात का पानी सीधे सड़क किनारों को काट रहा है। वहीं कुछ स्थानों पर पुरानी पुलिया के ऊपर ही नई सड़क बना दी गई है, जबकि तकनीकी मानकों के अनुसार आवश्यक मजबूती और सुरक्षा कार्य पहले पूरे किए जाने चाहिए थे।

लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क किनारों का कटाव शुरू हो चुका है। जगह-जगह सड़क के किनारे मिट्टी बह रही है और कई हिस्सों में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां रिटेनिंग वॉल नहीं बनाई गई, वहां भविष्य में सड़क का हिस्सा धंस सकता है और कभी भी बड़ा सड़क हादसा हो सकता है।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या 43 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सुरक्षा की दृष्टि से पहले कोई गंभीर योजना नहीं बनाई गई? क्या निर्माण कार्य को केवल जल्द पूरा करने की जल्दबाजी में सुरक्षा मानकों को पीछे छोड़ दिया गया? लोगों का कहना है कि पहले डामर बिछाने और सड़क तैयार दिखाने पर अधिक ध्यान दिया गया, जबकि सुरक्षा से जुड़े मूलभूत कार्य अधूरे छोड़ दिए गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग में निर्माण कार्यों का भुगतान अपेक्षाकृत बहुत जल्दी हो जाता है। क्षेत्र में चर्चा है कि जितना निर्माण होता है, उसका भुगतान भी कम समय में ठेकेदारों को कर दिया जाता है। इसी कारण यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं जल्द भुगतान और निर्माण पूरा दिखाने की होड़ में गुणवत्ता और सुरक्षा के आवश्यक कार्यों की अनदेखी तो नहीं की गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय नागरिक मांग कर रहे हैं कि पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए।

लोगों का कहना है कि 43 करोड़ रुपये कोई छोटी राशि नहीं है। इस राशि से बनने वाली सड़क से राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी गुणवत्ता और सुरक्षा की अपेक्षा की जाती है, लेकिन मौके पर कई स्थानों पर ऐसे दृश्य दिखाई दे रहे हैं जो निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हैं। यदि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सड़क सुरक्षित नहीं है, तो यह बेहद गंभीर विषय है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान कई स्थानों पर भीषण गर्मी में सड़क निर्माण के समय पर्याप्त पानी का छिड़काव भी नहीं किया गया, जिससे सड़क की मजबूती प्रभावित होने की आशंका है। अब बारिश शुरू होते ही कई हिस्सों में सड़क कटने लगी है, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा कई स्थानों पर मिट्टी भराई, रोलर चलाने और कटाव रोकने के लिए आवश्यक सुधार कार्य नहीं किए जा रहे हैं।

लोगों का यह भी कहना है कि जहां-जहां सड़क किनारे मिट्टी कट रही है, वहां तत्काल रिटेनिंग वॉल और सुरक्षा कार्य होना चाहिए था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया। निर्माण एजेंसी की सिक्योरिटी मनी विभाग के पास जमा रहती है और निर्माण अवधि में गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की होती है। इसके बावजूद यदि सड़क लगातार कट रही है तो जिम्मेदारी किसकी है, यह भी बड़ा सवाल बन गया है।

इस संबंध में जब पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद रिटेनिंग वॉल का निर्माण कराया जाएगा। वहीं ठेकेदार का कहना है कि वह विभागीय अधिकारियों के निर्देशानुसार ही निर्माण कार्य कर रहा है। यानी अधिकारी और ठेकेदार दोनों एक-दूसरे के निर्देशों का हवाला दे रहे हैं, लेकिन सुरक्षा संबंधी मूल प्रश्नों का स्पष्ट उत्तर सामने नहीं आ रहा।

इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार सड़क निर्माण से पहले या निर्माण के साथ-साथ रिटेनिंग वॉल, जल निकासी व्यवस्था, पुलिया की मजबूती, ढलानों की सुरक्षा और सड़क किनारों की स्थिरता सुनिश्चित करना आवश्यक माना जाता है। यदि ये कार्य बाद के लिए छोड़े जाते हैं तो बरसात के मौसम में सड़क को नुकसान पहुंचने और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते इन कमियों को दूर नहीं किया गया तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। लोगों ने यह भी कहा कि शासन और मंत्री द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन यदि निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता किया गया तो इससे विकास की मंशा पर भी प्रश्नचिह्न लगेंगे।

अब आवश्यकता है कि लोक निर्माण विभाग पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराए और जहां-जहां रिटेनिंग वॉल, नालियां, सुरक्षा बैरियर, मिट्टी भराई और अन्य आवश्यक कार्य अधूरे हैं, उन्हें तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की नौबत न आए।

फिलहाल इस सड़क से रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहन चालक और आम नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। यदि समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो बरसात के मौसम में यह सड़क कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

(नोट: समाचार में स्थानीय नागरिकों द्वारा लगाए गए आरोप और उठाए गए प्रश्न शामिल हैं। भ्रष्टाचार, कमीशन या अन्य अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही मानी जा सकती है।)

43 करोड़ की सड़क निर्माण पर कई अनियमितताएं सुरक्षा को ध्यान में नहीं रखा गया आम जनता और राहगीरों के आने जाने के मार्ग पर

इस निर्माण रोड मार्ग पर कई मोड़ पर रोड जगह-जगह से. कट कर बह रही है बरसात के पानी से सुरक्षा बल रिटेनिंग वॉल नहीं रहने से और सड़क पर जगह-जगह दरारें पड़ने लग रही है

43 करोड़ की सड़क मार्ग की गुणवत्ता और लापरवाही इमेज पर आप साफ.देख सकते हैं और रोड की कई तस्वीरें आपको साक्षात इस मार्ग पर से गुजरने पर आपको जगह-जगह से रोड कट्टी बाहेती. देखने को मिलेगी

कई स्थानों पर रोड मार्ग पर ड्रेन नाली का निर्माण भी नहीं कराया गया जिसका जवाबदारी कौन है पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर टाइम कीपर या फिर ठेकेदार नियमों का उल्लंघन

P. W. D. इंजीनियर अधिकारी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कहते हैं कहते हैं की सुरक्षा बाल रिटेनिंग बाल बाद में बनाई जाएगी ठेकेदारों के पैसा अभी बचा हुआ है रिटर्निंग वालों का

जबकि इंजीनियरिंग और नियम यह कहता है कि किसी भी निर्माण करने के पहले सुरक्षा की दृष्टि से पहले देखा जाता है और रोड निर्माण के पहले रोड की सुरक्षा बाल रिटेनिंग वॉल बनाने की प्राथमिकता पहले दी जाती है जिससे की बरसात से बचाया जा सके.और आने-जाने वाले राहगीर बड़ी वाहन गाड़ी रिटेनिंग वॉल और सुरक्षा बाल के सपोर्ट से कोई बड़ा हादसा दुर्घटना ना हो और रोड कट कर ना बाहे सके मगर यहां सब कुछ उल्टा है

आखिर क्यों इतनी बड़ी चुक की गई. 43 करोड़ के निर्माण सड़क बनने के पहले कई स्थानों में रिटेनिंग वॉल सुरक्षा बाल पहले क्यों.नहीं बनाई गई जो सबसे बड़ा प्रश्नवाचक चिन्ह लगता है क्या ठेकेदार को मलाई वाला काम अधिकारियों ने पहले दिया जोकी.पीडब्ल्यूडी विभाग एक एक ऐसा विभाग है जहां ठेकेदार निर्माण करता है करता है तो 10 से 15 दिन. मे ठेकेदारों का बिल बहुत जल्दी जिसकी पेमेंट कर दी जाती है जितना कम करो उतना मेजरमेंट करके पैसा आप ले सकते हो इस विभाग पर

 

जो मलाई वाला काम पहले कर दिया गया डामर रोड गिट्टी बीछाकार और सुरक्षा बाल और रिटेनिंग वॉल को नहीं बनाया गया ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए अधिकारियों की मनमर्जी से काम कराया गया जिससे कि ठेकेदारों का बिल पास हो सके और अधिकारियों को मोटी रकम कमीशन मिल सके जो जन चर्चा का विषय बना हुआ है जनता के बीच में

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