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MCB की खास खबर

देवेंद्र सिंह चंदेल भारत कीआवाज 

लोकेशन चिरमिरी

 

करोड़ों की घोषणाएं, फिर भी बदहाल चिरमिरी! जनता पूछ रही—शहर की छोटी समस्याओं का जिम्मेदार कौन?

 

जैन मंदिर के सामने नाली निर्माण पर दो बार बवाल, विरोध के बाद भी दोबारा ढलाई; टूटी सड़क, अंधेरा, मच्छर और पानी की समस्या से जनता परेशान

चिरमिरी। नगर निगम चिरमिरी में मूलभूत सुविधाओं को लेकर आम जनता और व्यापारियों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर में एक ओर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की घोषणाएं और बड़े निर्माण कार्य दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, मच्छर नियंत्रण और जल निकासी जैसी बुनियादी समस्याएं अब भी लोगों की परेशानी का कारण बनी हुई हैं। कई मामलों में शिकायत और विरोध के बावजूद समाधान नहीं होने से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

सबसे ताजा मामला हल्दीबाड़ी मुख्य मार्ग स्थित जैन मंदिर के सामने नाली निर्माण का है, जहां जल निकासी को लेकर व्यापारी और आम नागरिक दो बार विरोध कर चुके हैं। इसके बावजूद दोबारा निर्माण और ढलाई किए जाने को लेकर लोगों में आक्रोश है।

जैन मंदिर के सामने नाली बनी परेशानी का कारण

हल्दीबाड़ी के मुख्य मार्ग पर जैन मंदिर के सामने बनी नाली से लंबे समय से बाजार और मुख्य मार्ग का बरसाती पानी निकलता रहा है। पहले नाली के ऊपर काउ कैचर जाली लगी थी, जिससे पानी आसानी से निकल जाता था।

स्थानीय व्यापारियों के अनुसार कुछ समय पहले निगम के ठेकेदार द्वारा काउ कैचर जाली हटाकर लाल पत्थर की चिप्स से ढलाई कर दी गई। जल निकासी के लिए करीब 2 इंच का पीवीसी पाइप डाल दिया गया। व्यापारियों का कहना है कि मुख्य मार्ग और बाजार के बरसाती पानी के लिए इतनी कम क्षमता वाला पाइप पर्याप्त नहीं है।

इसके बाद जल निकासी प्रभावित होने लगी और बारिश का पानी नीचे स्थित साधना कॉम्प्लेक्स सहित आसपास की दुकानों और दुकान परिसरों में घुसने लगा, जिससे व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पहली बार विरोध के बाद महापौर ने दिया था आश्वासन

समस्या को लेकर कुछ दिन पहले स्थानीय व्यापारी और आम नागरिक निर्माण स्थल पर पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी मिलने पर महापौर और निगम कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे।

मौके पर व्यापारियों ने दोनों के सामने स्पष्ट रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि जिस तरह नाली को बंद किया जा रहा है, उससे बरसात का पानी निकलने के बजाय दुकानों में घुसेगा।

विरोध के बाद महापौर द्वारा समस्या को ठीक कराने का आश्वासन दिया गया था। व्यापारियों को उम्मीद थी कि अब नाली की जल निकासी व्यवस्था को सही तरीके से दुरुस्त किया जाएगा।

विरोध के बाद भी दोबारा ढलाई, फिर भड़का आक्रोश

व्यापारियों का कहना है कि पहली शिकायत और विरोध के बाद मामला शांत हुआ ही था कि कुछ समय बाद उसी स्थान पर दोबारा निर्माण शुरू कर दिया गया। जाली के ऊपर फिर से ढलाई किए जाने की जानकारी मिलते ही व्यापारी और आम नागरिक दोबारा मौके पर पहुंचे और कड़ा विरोध दर्ज कराया।

इस दौरान महापौर और निगम कमिश्नर के सामने लोगों ने सवाल उठाया कि जब पहली बार ही बता दिया गया था कि पानी की निकासी बाधित होगी, तो फिर उसी तरह का निर्माण दोबारा क्यों कराया जा रहा है?

बताया गया कि विरोध के बाद महापौर ने फिर आश्वासन दिया और एक सप्ताह का समय मांगा।

अब पाइप और काउ कैचर लगाने की तैयारी, जनता का सवाल—पहले क्यों नहीं किया?

अब बताया जा रहा है कि नाली की व्यवस्था को सुधारने के लिए दोबारा पाइप लगाने और काउ कैचर जाली लगाने का काम किया जा रहा है।

यही बात व्यापारियों और नागरिकों के बीच सबसे बड़ा सवाल बन गई है। लोगों का कहना है कि यदि आखिरकार काउ कैचर और उचित जल निकासी व्यवस्था ही करनी थी तो पहले ही सही तरीके से काम क्यों नहीं किया गया?

नागरिकों का कहना है कि पहले ढलाई की गई, फिर विरोध के बाद उसे तोड़ा गया और अब दोबारा सुधार का काम किया जा रहा है। इससे आखिरकार आम जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी का सवाल खड़ा हो रहा है।

टूटी सड़क और जगह-जगह गड्ढे, यातायात चौक भी बदहाल

चिरमिरी शहर की सड़कों की हालत को लेकर भी नागरिकों में नाराजगी है। कई जगह सड़कें टूट चुकी हैं और जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। यातायात चौक के आसपास भी कई गड्ढे होने की शिकायत है।

वहीं सड़क दफाई और घड़ी चौक मुख्य मार्ग की सड़क की हालत भी खराब होने की बात नागरिकों द्वारा कही जा रही है। लगातार आवागमन वाले इन मार्गों पर सड़क की बदहाली से वाहन चालकों और आम नागरिकों को परेशानी हो रही है।

व्यापारियों और आम नागरिकों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार फरियाद की जा चुकी है, लेकिन लगातार शिकायत करते-करते अब लोग परेशान हो चुके हैं।

पौड़ी चौक की स्ट्रीट लाइट बंद, शहर के कई हिस्से अंधेरे में

शहर में प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि पौड़ी चौक की पूरी स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। इसके अलावा मुख्य मार्गों से लेकर कई वार्डों और गलियों तक पर्याप्त रोशनी नहीं होने की शिकायतें हैं।

रात में अंधेरा होने से नागरिकों को परेशानी के साथ सुरक्षा को लेकर भी चिंता रहती है। इसके बावजूद स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर निगम की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।

मच्छरों का प्रकोप बढ़ा, फॉगिंग और मैलाथियान छिड़काव पर सवाल

बरसात के मौसम में शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। नागरिकों का कहना है कि नियमित फॉगिंग नहीं हो रही, वहीं मच्छर नियंत्रण के लिए मैलाथियान पाउडर के छिड़काव की व्यवस्था भी पर्याप्त नजर नहीं आ रही है।

इसी तरह ब्लीचिंग पाउडर के नियमित छिड़काव को लेकर भी नागरिक सवाल उठा रहे हैं। बरसात में मच्छरों और गंदगी के कारण बीमारी फैलने की आशंका के बावजूद प्रभावी रोकथाम नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

करोड़ों की सड़क और गौरव पथ, लेकिन पुराने मुख्य मार्ग की हालत बदतर

नागरिकों का कहना है कि शहर में करोड़ों रुपये के सड़क निर्माण और गौरव पथ जैसे बड़े कार्यों पर काम शुरू किया जा रहा है। इसके लिए कई स्थानों पर खुदाई भी की जा रही है।

लेकिन सवाल यह है कि जब मुख्य मार्ग की मौजूदा सड़क ही बदहाल है, जगह-जगह गड्ढे हैं और नागरिकों को टूटी-फूटी सड़क से आवागमन करना पड़ रहा है, तो पहले से मौजूद मुख्य मार्ग की समस्या को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जा रही?

लोगों का कहना है कि बड़े निर्माण कार्य अपनी जगह हैं, लेकिन शहर की रोजमर्रा की मूलभूत सुविधाएं भी उतनी ही जरूरी हैं।

करोड़ों की पानी की योजना, फिर भी नियमित जलापूर्ति का इंतजार

शहर में करोड़ों रुपये की पेयजल योजनाओं और सौगातों की चर्चा के बावजूद कई क्षेत्रों में नियमित पानी नहीं मिलने की शिकायतें बनी हुई हैं। नागरिकों के अनुसार पिछले कई महीनों से कई स्थानों पर एक-दो दिन के अंतराल पर पानी की सप्लाई दी जा रही है।

गर्मी बीत गई और बरसात का मौसम आ गया, लेकिन नियमित पेयजल की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। ऐसे में करोड़ों की योजनाओं का लाभ आम जनता को नियमित रूप से कब मिलेगा, यह सवाल बना हुआ है।

“तीन इंजन की सरकार” में नगर निगम की गाड़ी किस दिशा में?

नागरिकों के बीच यह चर्चा भी है कि जब सत्ता के तीनों स्तरों पर एक ही राजनीतिक व्यवस्था का प्रभाव है, तो फिर नगर निगम की मूलभूत व्यवस्थाएं इतनी कमजोर क्यों दिखाई दे रही हैं?

लोगों का कहना है कि शहर में करोड़ों रुपये के कामों की घोषणाएं हो रही हैं, लेकिन स्ट्रीट लाइट, सड़क, नाली, जल निकासी, मच्छर नियंत्रण और पेयजल जैसी समस्याओं के लिए जनता को बार-बार विरोध और प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

जनता का सवाल—बड़े कामों के साथ छोटी समस्याओं पर भी ध्यान कब?

आम नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम की जिम्मेदारी केवल करोड़ों रुपये के बड़े निर्माण कार्य कराने तक सीमित नहीं है। वार्डों और गलियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान भी नगर निगम की जिम्मेदारी है।

जैन मंदिर के सामने नाली मामले ने निगम की कार्यप्रणाली पर इसलिए भी सवाल खड़े किए हैं क्योंकि एक ही स्थान पर पहले निर्माण हुआ, विरोध हुआ, फिर दोबारा निर्माण की कोशिश हुई और अब उसे सुधारने के लिए फिर से काम किया जा रहा है।

जनता पूछ रही है कि यदि काम पहली बार ही तकनीकी रूप से सही तरीके से कराया जाता तो बार-बार निर्माण और तोड़फोड़ की नौबत क्यों आती?

शहर में महापौर रामनरेश राय की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। नागरिकों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि समस्याओं का स्थायी समाधान चाहिए। वहीं निगम कमिश्नर की भूमिका और निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि महापौर द्वारा दिए गए एक सप्ताह के आश्वासन के बाद जैन मंदिर के सामने जल निकासी की समस्या वास्तव में स्थायी रूप से दूर होती है या फिर मामला एक बार फिर आश्वासन और निर्माण की प्रक्रिया में उलझकर रह जाता है।

चिरमिरी की जनता का सीधा सवाल यही है—करोड़ों रुपये के बड़े विकास कार्यों के साथ शहर की बुनियादी सुविधाओं और रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान कब होगा?

 

चिरमिरी नगर निगम के मुख्य मार्ग की सड़क की दुर्दशा सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क लगातार मांग करने के बाद भी चिरमिरी नगर निगम महापौर के द्वारा यही कहा जाता है टेंडर हो गया है करवाएंगे जल्द काम चालू होने वाला है मीडिया के सवाल से भागते नजर आते हैं 2 साल बीत चुका है मगर नगर निगम के,महापौर रामनरेश जी के द्वारा विशेष धरातल पर विकास नजर नहीं आ रहा है आम जनता नागरिक के मुंह पर या महापौर के चर्चाएं कार्यप्रणाली को लेकर शहर में जोरों से जंग चर्चा है

शहर के मुख्य मार्ग की सड़क जगह-जगह गड्ढे

शहर के मुख्य मार्ग और वार्ड की गली मोहल्ले की स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है पिछले कई महीनो से शहर अंधेरे में डूबा है करोड़ों के गौरव पथ बनाए जा रहे हैं मगर महत्वपूर्ण रूप से जब शहर में रोशनी ही नहीं रहेगी तो ऐसे रोड निर्माण का क्या मतलब होगा लगातार मांग के बाद भी नगर निगम प्रशासन नगर निगम आयुक्त नगर निगम महापौर की अनदेखा

सड़क दफा घड़ी चौक की सड़क की दुर्दशा

हल्दीबाड़ी यातायात चौक की सड़क की दुर्दशा

हल्दीबाड़ी जैन मंदिर के सामने बनी नाली काउ कैचर जली को हटाकर नगर निगम के खास ठेकेदार के द्वारा चिप पत्थर डाल के ढलाई कर दिया गया जिससे मुख मार्ग का बरसात का पानी निकासी का बहाव बंद होने से दुकानों में घुसा पानी व्यापारी और स्थानीय नागरिक के द्वारा विरोध करने पर महापौर कमिश्नर निर्माण स्थल पर पहुंचे व्यापारी और नागरिकों ने जमकर विरोध किया महापौर कमिश्नर के द्वारा कहा गया जल्द निर्माण कराया जाएगा उसके बावजूद दोबारा फिर नगर निगम के खास ठेकेदार के द्वारा चिप पत्थर डालकर ढलाई की जा रही थी दोबारा फिर जमकर बरसे व्यापारी और स्थानीय नागरिक इसके बाद महापौर ने एक हफ्ते की टाइम मांगा लेकिन सवाल यह है कि आम नागरिक और व्यापारियों की लगातार मांग के बाद भी नगर निगम महापौर और कमिश्नर इंजीनियर की मनमर्जी से निर्माण करने पर भी कई सवाल खड़े कर रहे हैं

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