MCB की खबर

देवेंद्र सिंह चंदेल भारत की आवाज
लोकेशन : चिरमिरी, डोमन हिल
वन विभाग पर बड़े सवाल!
चिरमिरी के 36 मोड़ पर वन भूमि पर एक नहीं, कई कथित अवैध कब्जे, अधिकारी गायब, मीडिया के सवालों से बचते नजर आए
चिरमिरी के डोमन हिल स्थित 36 मोड़ पर वन भूमि पर कथित अवैध कब्जे, निर्माण, तथा वन क्षेत्र में रेत खनन, मिट्टी उत्खनन और अवैध लकड़ी कटाई की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कई बार प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा समाचार प्रकाशित और प्रसारित किए जाने के बावजूद हालात में कोई खास बदलाव नहीं दिखाई दे रहा है।
इन्हीं शिकायतों की पड़ताल के लिए जब मीडिया टीम चिरमिरी वन विभाग कार्यालय पहुंची तो जिम्मेदार वन अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। कार्यालय में उपस्थित कर्मचारियों एवं अधिकारियों से जानकारी लेने पर स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल जवाब दिए गए। कैमरे पर अपनी बात रखने के लिए कहा गया तो कुछ कर्मचारी और अधिकारी कैमरे से बचते तथा इधर-उधर जाते नजर आए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन भूमि पर वर्षों से कथित अतिक्रमण, अवैध निर्माण, रेत खनन, मिट्टी उत्खनन और जंगलों में लकड़ी कटाई की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती। पत्रकारों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी न तो मीडिया के फोन उठाते हैं और न ही जनहित से जुड़े मामलों में स्पष्ट जवाब देते हैं।
वन संरक्षण से जुड़े कानूनों के अनुसार वन भूमि पर अवैध कब्जा, अतिक्रमण, निर्माण, अवैध खनन और पेड़ों की कटाई दंडनीय अपराध हैं। ऐसे मामलों में भारी जुर्माना, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, जब्ती तथा लागू कानूनों के तहत जेल तक का भी प्रावधान है।
अब सवालों की फेहरिस्त और भी लंबी होती जा रही है—
वार्ड क्रमांक 39 में जंगली भालू के हमले में विक्की नामक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ, हमले में उसके हाथ का मांस तक निकल गया।
डोमन हिल क्षेत्र में भालू की मौत का मामला भी सामने आया, जिससे वन्यजीव संरक्षण पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जंगलों में लगातार हो रही कटाई और वन क्षेत्र में बढ़ते हस्तक्षेप के कारण जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच रहे हैं।
चिरमिरी न्यायालय के पास वन विभाग द्वारा लगाए गए सागौन के पेड़ों की लगातार कटाई होने का भी आरोप लगाया जा रहा है।
वन विभाग की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं दिख रही।
मीडिया के सवालों पर अधिकारी सामने नहीं आते, फोन नहीं उठाते और जवाब देने से बचते नजर आते हैं।
अधिकारी बदलते रहे, लेकिन वन क्षेत्र से जुड़ी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।
सबसे बड़ा सवाल…
चिरमिरी के वन क्षेत्र की समस्याओं का समाधान आखिर कब होगा?
वन भूमि पर कथित अवैध कब्जों, अवैध खनन, लकड़ी कटाई और वन्यजीव सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार अधिकारी कब जवाब देंगे और कब दिखाई देगी सख्त कार्रवाई?


भालू के हमले से चिरमिरी निवासी वार्ड क्रमांक 39 बुरी तरह से घायल हुए विक्की पासवान
सागौन की लकड़ी की कटाई चिरमिरी न्यायालय के पास लगे सागौन के पेड़

चिरमिरी डोम हिल वन विभाग की जमीन पर संचालित दुकान बलपूर्वक कब्जा वन विभाग के नाकामी से हुआ वन विभाग की जमीन पर कब्जा

जिला के नए वन विभाग के जिला अधिकारी डीएफओ के आने से शहर में एक उम्मीद थी लेकिन वन विभाग की लापरवाही से शहर और जंगल तक लगातार समस्या बढ़ रही है अधिकारी कार्यालय में मिलते नहीं पत्रकारों का फोन उठाते नहीं


चिरमिरी के डोमन हिल 36 मोड पर दुकान निर्माण कब्ज के साथ धार्मिक संगठनों के द्वारा भी मंदिर के आड़ में कब्जा किया जा रहा है वन विभाग की भूमि पर वह दिन दूर नहीं कि जब पूरे मार्ग पर सिर्फ कब्जे ही नजर आएंगे भारतीय दंड कार्यवाही के अनुसार वन विभाग की जमीन भूमि पर कब्जा करने पर भारी भक्कम जुर्माना और अवैध कब्जे पर बुलडोजर चला कर हटाए जाने के प्रावधान और जेल तक होने की सजा का प्रावधान बनाया गया है शहर में जन चर्चा है कि वन विभाग के अधिकारी की जेब गर्म हो रही है और ले देकर छोड़ दिया जाता है इन अवैध कब्जे धारी को

चिरमिरी के वन विभाग कार्यालय पर नहीं मिलते हैं अधिकारी नहीं उठाते हैं फोन बैठकर कुर्सी तोड़ी जाती है समस्याएं कई है सवाल कई है जवाब कहीं नहीं

सागौन की लकड़ी चिरमिरी न्यायालय के पास लगाए पेड़ों की कटाई से चिरमिरी रेंजर और वन अधिकारी पर कार्यवाही की मांग
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